Tuesday, May 24, 2011

My Latest from Powai lake side room

दीवानों की तरह , दीवानों को दीवानगी सिखाने आया हूँ |
इश्क की गलियों में भटकते आशिकों को, मैं आशिकी सिखाने आया हूँ |
विष पिने वाले देवदासो को इश्क की पियाली में, मधु मैं पिलाने आया हूँ |
आपके दिल में छुपकर आपकी रातों सम्मे बहार दिखने आया हूँ |
देखोगे जो मेरी आँखों से तो हर चेहरे में यार नज़र आएगा |
दूर होकर भी तुझे तेरा यार तेरे साथ नज़र आएगा |
आज मैं तुझको तेरे यार की यारी में परवान चढाने आया हूँ |
तेरे सनम बेवफा को आज मैं, वफ़ा की इन्तहा बताने आया हूँ |
दीवानों की तरह , दीवानों को दीवानगी सिखाने आया हूँ |

  ----- रजनीश

1 comment:

  1. dewangi wo bhi haryanvi style mein choudhary sahab!!! maja aa gaya

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