बहुत दिनों से मानो मेरा हिंदी लिखने से नाता ही टूट गया हो ........पर आज मै हिंदी लिखकर अत्यंत हर्षित महसूस कर रहा हूँ
और अपनी इस पगली सी इच्छा को अपने किबोर्ड के माध्यम से व्यक्त कर रहा हूँ , क्रप्या अपने विचार जरुर दीजियेगा ...
हमें तुम मिले तो तुम सही ,हमें वो मिले तो वो सही .
तुम ना मिले तो वो सही |
तुम मिल गए तो वो नहीं|
दुनिया में हजारो होते है , कभी ये नहीं कभी वो नहीं |
किस -किस का सजदा करे कभी ये कही कभी वो कही |
जीने के लिए होती है जिन्दगी ,मरने के लिए होती नहीं |
जो प्यार की खातिर मरते है, उनसे पागल क्या कोई और कही|
सूरज की किरने होती है , कभी उत्तर में कभी दक्षिण में |
कभी पूरब में कभी पश्चिम में |
दिल भी सूरज की किरने है , कभी इस गली कभी उस गली |
हमें तुम मिले तो तुम सही ,हमें वो मिले तो वो सही .........
विश्वास करो ना इस दिल पर कभी इनके लिए कभी उनके लिए |
मरता है हर रोज ये जाने दुनिया में किस किस के लिए |
आपका
रजनीश चौधरी